टॉन्सिलिटिस के लिए उपचारहमारे कंठ दोनों भागों के नोड्स होते हैं इसे टॉन्सिल कहते हैं कि ये टॉन्सिल हमारे शरीर को संक्रमण होने से बचा है लेकिन जब टॉन्सिल विविधता हो जाती है और एक चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता है
लक्षणों में गले में खाराश, दवाई में कठिनाई और लिम्फ नोड्स शामिल हैं तो इसे चिकित्सा शब्द मे टॉन्सिलिटिट ने कहा है
अब हम बात करते हैं इसके उपचार के बारे में हमारे कंठ दोनों लिम्फ नोड्स होते हैं यह टॉन्सिल कहते हैं कि ये टॉन्सिल हमारे शरीर को संक्रमण होने से बचाने है लेकिन जब टॉन्सिल स्वभाव हो जाते हैं और एक चिकित्सा पद्धति की आवश्यकता है।
लक्षणों में गले में खाराश, दवाई में कठिनाई और लिम्फ नोड्स शामिल हैं तो इसे चिकित्सा शब्द मे टॉन्सिलिटिट ने कहा है
इस दौरान मरीज़ को हेक्सिडीन माउथ बैश के लिए 1/2 गिलास पानी में 10 मिली हेक्सिडाइन माउथ बैश में डाल कर दिन भर 2 से 3 बार कुल्ली करे ऐसा 3 दिन तक करे
इस दौरान मरीज़ को हल्का बुखार भी रहता है इसलिए पैरासिटामोल 500mg दिन 2 से 3 बार लेना चाहिए
माध्यमिक संक्रमण को रोकने के लिए कृत्रिमायोटिक लेने के लिए ऐज़िट्रोमाइसिन 500 टैब को सिंथेटिकायोटिक के रूप में ज्यादा फैदा करता है दिन में 1 बार खाना खाने के बाद 3 दिन तक लेना चाहिए।
इस दौरान मरीज़ को स्ट्रेप्सिल भी लेना चाहिए जिससे गले को बहुत आराम मिलता है। इसकी अधिकतम खुराक 10 से 12 ग्राम है।
यह लोज़ेन्ग्स को मुँह में दबा कर रखना चाहिए यह मुँह ही स्पष्ट हो जाता है
इसके बावजूद मरीज़ को टॉन्सिलिटिस से छुटकारा पाने के लिए एक हेल्थी एमिऑन सिस्टम की ज़रूरत पड़ती है इसके लिए मरीज़ को ZNG सिरप जिसमें जिंक ग्लूकोनेट मिला होता है इस दिन में एक बार 10ml खाने के 14 दिनों तक लेना चाहिए।
ऐसा करने वाले 90% मामलों में देखा गया है कि मरीज़ ठीक हो जाता है
अगर ठीक नहीं होता है तो अपनी सम्मिलित डाक्टर से सलाह अवश्य लें
मुकेश कुमार


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